AC कमरों में नेताओ का धरना ड्रामा : जनता बदहाल
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| पानी लेने के लिए टैंकर के ऊपर चढ़ी दिल्ली की आम जनता |
इन दिनो देश की राजनीति में
सियासी सरगर्मी मची हुई है। पकौड़ा पाॅलिटिक्स के बाद अब धरना पाॅलिटिक्स का प्रचलन
आ गया है। हमारे देश के जनप्रतिधि जनता की समस्या का निवारण करने की बजाए आलिशान
कमरो में बैठकर धरना दे रहें है। देश की राजधानी दिल्ली जहां आम जनता पानी और
बिजली की समस्या को झेल रही है। वहीं सभी राजनीतिक दल आरामदायक कमरे मंे बैठकर
धरना दे रहें हैं। नेता धरने को अपनी मशाल बनाकर दिल्ली की जनता को अंधकार की
दुनिया में बैठाए हुए है। राज्य के मुखिया अरविंद केजरीवाल एलजी कार्यालय पर और
बीजेपी के नेता सीएम कार्यालय के एसी वाले कमरो में बैठकर धरना दे रहें है।
कांग्रेस के नेता दिल्ली सरकार के खिलाफ जल सत्याग्रह कर रहे है। जब सभी दल एक
दूसरे पर एसी कमरो में धरने पर बैठकर आरोप लगाते रहेंगें तो धूप में तपती जनता की
समस्या का समाधान कौन करेगा।
राजनीति का मजा़क बनता जा
रहा है
सरल शब्दो में राजनीति का
अर्थ होता है ऐसी नीतियों के आधार पर राज़ करना , जिससे जन जन का विकास हो
सके। राजनीति समाज में हो रही समस्याओं के निवारण की आवाज़ बनने के लिए होती हैं।
लेकिन आज के समय में राजनीति का स्तर गिरता जा रहा है कि मानो लोगो को राजनीति एक
दलदल सी लगने लगी है। एक ऐसा दलदल जिसमें एक बार कोई फंस जाए तो निकलना मुश्किल हो
जाता है।
नेताओं की ही नही सुनी जा
रही बात
राजनीति के भी कई मायने हो
गए है, जिन नेताओं को हम अपना जनप्रतिनिधि बनाकर सदन
में भेजते है। ताकि वो हमारी समस्याओं की बुलंद आवाज़ बनकर उसका समाधान करवाएं।
लेकिन आज के समय में राजनेता अपनी समस्या को सुनाने के लिए एसी वाले कमरे में बैठकर
धरना दे रहे है और बेबस जनता समस्या के समाधान करने की गुहार लगा रही है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री की
बात को नज़रअंदाज
देश की राजधानी दिल्ली के
मुख्यमंत्री की बात को नज़रअंदाज किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के संयोजक और
दिल्ली के मुख्यमंत्री पिछले आठ दिनो से उपराज्यपाल के कार्यालय पर भूख हड़ताल कर
रहे है। केजरीवाल की मांग प्रशासनिक अधिकारियांे की हड़ताल खत्म करने और दिल्ली को
पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने को लेकर है। केजरीवाल के इस आंदोलन का विपक्षी
पार्टियों के नेताओं के साथ - साथ चार प्रदेशो के मुख्यमंत्रियो ने भी समर्थन
किया। बीजेपी के तमाम दिग्गज़ नेता दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरना दे
रहे है उनकी मांग दिल्ली की जनता हो रही पानी और बिजली की समस्या को दूर करने को
लेकर है। बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सरकार को भंग करके दिल्ली में
राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। सभी नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करके एक दूसरे को
सात्वना दिए जा रहे है लेकिन उनकी मांगो को कोई सुन नही रहा है।

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