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| व्यापारी अशोक और साथ मे पत्नी गँगा जोशी। |
पति - पत्नी ने लिया चाइनीज लाइट ना बेचने का संकल्प लिया ......
दीवाली प्रकाश और रोशनी का पर्व हैं । भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने के शुभ अवसर पर अयोध्यावासियों ने समस्त अयोध्या नगरी को दीपकों और फूलों से सजाकर उनका भव्य स्वागत किया था। परंतु आज के समय मे सजाने का काम चाइना से आयात की गई लाईटो के माध्यम से ही किया जा रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए बरेली के एक व्यपारी ने अपने स्तर से पहल की।
सुनने में विश्वास नही होगा लेकिन ये सच हैं कि एक व्यापारी जो कि मुनाफे या लाभ के लिए व्यपार करता हैं, ऐसे में बरेली के एक व्यापारी ने अपनी दुकान से चाइनीज झालरों को खरीदना ही नही बल्कि बेचना भी बंद कर दिया। कुर्मांचल नगर मार्किट की अभिनंदन ट्रेडर्स नाम की दुकान में बिजली के साथ - साथ सेनेटरी और हार्डवेयर का सामान मिलता हैं , दुकान के मालिक अशोक का कहना हैं कि दीवाली पर चाइनीज झालरों को खरीदना ही नही बेचना भी गलत हैं, इससे हमारे देश को बहुत नुकसान होता हैं और चीन को फायदा इसलिए वह अपने स्तर से पिछले दो वर्षों से यह प्रयास कर रहा हैं कि वह दीवाली के पर्व पर अपनी दुकान पर चाइनीज लाईट ना बेचे। हालांकि दीवाली ऐसा पर्व होता हैं जब दुकानों पर बिजली की झालरों को खरीदने की बहुत ज्यादा मांग रहती हैं ऐसे में उनको अपने व्यपार में थोड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा हैं।
पत्नी गंगा ने भी दिया इस फैसले में अशोक का साथ
अशोक के चाइनीज लाइट ना बेचने के फैसले को सुनकर उनकी पत्नी शुरू में तो मानी नही, पत्नी का कहना था कि अकेले अपने स्तर से वो क्या कर लेंगे लेकिन अशोक ने अपनी पत्नी गंगा को बताया कि हमे अपने व्यापार से अधिक महत्वता देश को देनी चाहिए और बात रही अकेले मेरे ऐसा करने से तो *अपना सुधार ही संसार की सबसे बड़ी सेवा हैं*। अपने पति की इस बात से प्रभावित होकर पत्नी गंगा ने भी पति का साथ देने का निर्णय लिया।
अशोक ने बताया कि वो अपनी दुकान में चाइनीज
झालर की बजाएं अन्य सामान जो कि दीवाली में काम मे आते हैं वो बेच रहे हैं जैसे भारत मे बनने वाला बिजली का तार, एलईडी बल्ब, टेप ,प्लग इत्यादि। हालांकि जब ग्राहक उनकी दुकान पर आकर झालर मांग रहा हैं तो वो उनसे मिट्टी के दिये जलाने और स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करने की अपील कर रहे हैं।



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