क्या आप जानते है आखिर मुलायम
सिंह यादव या उनके परिवार को उत्तराखंड क्यों नहीं आने दिया जाता है। अगर नहीं तो
आज हम आपको बताते है इसके पीछे का राज। आखिर क्यों मुलायम चाह कर भी उत्तराखंड में
अपने कदम नहीं रख सकते है।
इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री मुलायाम ने कुछ ऐसा कर दिया..
दरअसल ये उस समय की बात है,जब उत्तराखंड उत्तरप्रदेश
का ही हिस्सा हुआ करता था।और
यहां के मुख्यमंत्री मुलायाम सिंह यादव हुआ करते थे। लेकिन इसी बीच पूर्व
मुख्यमंत्री मुलायाम ने कुछ ऐसा कर दिया जिससे वो उत्तराखंड वासियों की नज़रो में
विलन बन गए।
प्रदर्शनकारी उत्तरप्रदेश के मुजफ्फनगर
जिले के..
दरअसल मुलायम
रामपुर तिराहा गोलीकांड के कारण ही उत्तराखण्ड के विलेन बन गए। 2अक्टूबर
सन 1994 यानि गांधी जंयती के दिन की रामपुर तिराहा गोलीकांड हुआ था।जिसमे उत्तराखण्ड की मांग कर रहे हजारो उत्तराखण्ड आंदोलनकारियों
पर सपा सरकार ने लाठीचार्ज और गोलीबारी करवा दी। जब प्रदर्शनकारी उत्तरप्रदेश के
मुजफ्फनगर जिले के रामपुर क्रॉसिंग को पार कर रहे थे। तब
उन पर मुलायम सरकार ने गोली चलवा दी थी। आपको बता दे कि ये प्रदर्शनकारी दिल्ली
में धरना देने जा रहे थे। इनकी मांग
पर्वतीय क्षेत्रों के विकास से जुड़ी थी। इस घटना में 7
लोगों की मृत्यु हो गई जबकि 10 से ज्यादा आंदोलनकारी घायल हुए। और 400
से ज्यादा आंदोलनकारियों को गिरफ्तार भी किया गया था ।
इस घटना की सबसे ज्यादा शर्मशार करने वाली
बात..
इस घटना की सबसे ज्यादा शर्मशार करने वाली
बात ये थी कि आंदोलन कर रही महिलाओं के साथ जबरन शारीरिक शोषण व दुष्कर्म करने की
बात सामने आई थी जिस कारण देवभूमि के लोग
मुलायम सिंह यादव के खून के प्यासे हो गए
थे। उत्तराखण्ड के अनेक सामाजिक संगठनो ने सपा सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा
की और सड़कों में एकत्र होकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दर्दनाक घटना को हुए 23
वर्ष बीत चुके है, परंतु सबूतों के कारण यह मामला अभी तक नैनीताल हाईकोर्ट में
लंबित है। लेकिन 23 साल बीतने के बाद भी देवभूमि के लोगों के दिलों से ये बात नहीं
निकली है और ना ही निकालनी चाहिये।

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